Wifi Kya Hai | The Ultimate Revelation Of Wifi6

क्या आपको पता है WiFi Kya Hai (What is WiFi in Hindi) और क्या है इस Technology का इतिहास है. वैसे तो दुनिया में Internet Technology के आए हुए कई साल हो गए हैं लेकिन क्या आपको पता है पहले Internet Connection लेना कितना मुस्किल था.

हम जानते है कि internet का अविष्कार कई वर्षो पूर्व हो गया है। और धीरे धीरे इसकी उपयोगिता बढ़ते जा रही है। Internet Technology का  जन्म तो Network से हुआ था. पहले कोई भी Information Digital तरीके से भेजने के लिए cables ही एक मात्र जरिया था. उस समय  Cables से ही Internet Connection लिया जाता था. पहले इंटरनेट (internet) का उपयोग बहुत कम होता था  लेकिन आज के समय में इंटरनेट मानव जीवन की जरूरत बन गया है किंतु आपको पता ही होगा हम इंसान को हमेसा आराम और बिना किसी परेशानी से काम करना पसंद है. मेरा मतलब Internet भी बिना Cables से कैसे काम कर सकता है यही सोचते थे.

दिन प्रतिदिन बदलाव के कारण आखिर कार  Computer Scientist ने एक एसी Wire Less Technology बना डाली जिसका नाम है WiFi. इस Wireless Technology से आजकल हर कोई थोडा बहुत क्या पूरी तरह से वाकिफ है. नए पीढ़ी के यवक इसी Wireless Technology के जरिए Internet से जुडे रहते हैं. तो चलिए विस्तार से जानते हैं के WiFi Kya Hai होता है.

WiFi Kya hai

What is WiFi in Hindi : WiFi Kya Hai

WiFi का पूरा नाम है Wireless Fidelity. आज के समय WiFi एक लोकप्रिय Wireless Networking Technology है. जिसके जरिए आज हम Internet और Network Connection का इस्तमाल करते हैं.  WiFi रेडिओ सिगनल का प्रयोग करता है। जिसकी सहायता से आप बड़ी ही आसानी से अपने लैपटॉप (Laptop), कंप्यूटर, मोबाइल  (Mobile) ,Tablet आदि में इंटरनेट का इस्तमाल कर सकते है।

History Of WiFi (वाईफाई का इतिहास)

WiFi का अविष्कार अमेरिका के निकोला टेस्ला ने किया था। 1985 को united states FCC ने जब यह बताया की वायरलेस frequency – 200MHZ 2.4 GHZ और 5.8 GHZ को बिना लाइसेंस कर सकते है। तभी से वाईफाई की शुरुआत मानी जाती है।

1998 में NCR Corporation को एक Wireless Case RAGISTER की आवश्यकता पढ़ी। Victory Hayes और Brush Tech की मदद से (Institute of Electrical and Electronics Engineers) IEEE में एक STANDERD तैयार किया। उस समय 802.11a standard में डाटा ट्रांसफर की स्पीड 2Mbps थी।

 उसके बाद इसका अगला वर्जन “802.11b” अधिक रेंज के साथ आया और 6 कम्पनियो ने आपस में मिलकर WECA का गठन किया । यह वर्जन बहुत ही कम समय के अंदर लोकप्रिय हो गया। हार्डवेयर मार्केट में काफी तेजी से इसने अपना रुतबा कायम कर लिया। उसके बाद सन 2002 में Wireless और Hi-Fi शब्दों से मिलकर एक शब्द बना जिसको WiFi कहां गया जिसको अभी तक वाईफाई तकनीकी ही कहा जाता है।

Standard of WiFi In Hindi वाई-फाई मानक

नीचे WiFi Standard के Example दिए गए

IEEE 802.11a :- वर्ष 1999 में IEEE द्वारा बनाया गया था, जो 5 GHz आवर्ती पर 54 Mbps Speed से 115 फिट तक काम करता था.

IEEE 802.11b :- यह 1999 में घरेलू उपयोग के लिए बना था, जो 5 GHz आवर्ती पर 11 Mbps Speed से 115 फिट तक काम करता था.

IEEE 802.11g :- वर्ष 2003 में 802.11a व 802.11b को मिलाकर बनाया गया था, जो 2.4 GHz आवर्ती पर 54 Mbps  Speed से 125 फिट तक काम करता था.

IEEE 802.11n :- यह वर्ष 2009 में 2.4 GHz व 5 GHz दोनों आवर्ती राऊटर (Dual Band Router) पर काम करने के लिए बनाया गया था। इसकी डाटा भेजने की Speed 54 Mbps और 230 फिट तक काम करता था.

IEEE 802.11ac :- यह वर्ष 2009 में बनाया गया था, जो 5 GHz आवर्ती पर 1.3 Gbps की गति से 115 फिट तक काम करता था.

WiFi एक Standard(मानक) है. जिस Standard को हम Follow करके Computers and Mobile को Wireless Network से जोड़ते हैं. अभी के समय में जितने भी Laptop,Mobile Tablet, Printer और Computer हैं. इन सभी में एक WiFi Chip रहता है. जिसके जरिए हम और आप Wireless Router से Connect करते हैं और Internet उपयोग करते हैं.

wifi enable होने के बाद जब एक बार wireless Router से Connect हो जाता है तब हम internet access कर सकते हैं. किंतु Router को भी Internet से जुड़े रहने के लिए Cable Modem और DSL का इस्तमाल करता पड़ता है. वरना Internet Access नहीं होता है.

WiFi वैसे तो Hi-Fi से मिलता जुलता है जिसका Full Form है High Fidelity. WiFi का full form Wireless Fidelity नहीं है यह बस एक नाम है. WiFi Alliance के द्वारा चयन किया गया है. इसको WLAN नाम से भी जाना जाता है.

यह Technology Radio Waves का इस्तमाल करता है. घूमते फिरते आप Internet का इस्तमाल करते हैं. चलिए अब जानते हैं Wifi Technology काम कैसे करता है.

Wi-Fi 6 Kya Hai

Wi-Fi 6 Next Generation Standard (अगली पीढ़ी का Wifi मानक ) है WiFi technology की. Wi-Fi 6 को “802.11ax WiFi” या  “AX WiFi” भी कहा जाता है. 802.11ac WiFi standard को और ज्यादा improved कर build किया गया है.

Wi Fi 6 को अभी के समय के अनुसार सबसे तेज WiFi कहना गलत नहीं होगा. अगर आप लोगों को WiFi की नयी तकनीक WiFi 6 के विषय में जानकारी नहीं है तब आप लोगों को बता दूँ की वायरलेस तकनीक की दुनिया में यह एक बड़ा क्रांति लाने वाला है. वाईफाई 6 को “AX WiFi” और “802.11ax WiFi” के रूप में भी जाना जाता है.

जैसे की मैंने पहले भी कहा है की यह वर्तमान 802.11ac WiFi मानक में जरुरी सुधार लाकर बनाया गया है. मूल रूप से, वाईफाई 6 को दुनिया में उपकरणों की बढ़ती संख्या के जवाब में बना गया है.

GenerationWiFi (IEEE StandardMaximum Link Rate(Mbit/s)AdoptedRadio Frequency(GHz)
Wi‑Fi 7802.11be40000TBA2.4/5/6
Wi‑Fi 6E802.11ax600 to 960820202.4/5/6
Wi‑Fi 620192.4/5
Wi‑Fi 5802.11ac433 to 693320142.4/5
Wi‑Fi 4802.11n72 to 60020082.4/5
(Wi-Fi 3*)802.11g6 to 5420032.4
(Wi-Fi 2*)802.11a6 to 5419995
(Wi-Fi 1*)802.11b1 to 1119992.4
(Wi-Fi 0*)802.111 to 219972.4

देखा जाये तो WiFi 6 WiFi Router के लिए एक upgrade Updates है न की सामान्य रूप से WiFi सेवा का अपग्रेड. जैसे कि अगर आपके पास एक वीआर डिवाइस और कई स्मार्टफोन होम डिवाइस है तो WiFi 6 router आपके लिए बहुत ही बढ़िया Wifi Router साबित हो सकता है।

Wi-Fi 6 को क्यों design किया गया है ?

Wi-Fi 6 को design किया गया है Wi Fi की speed को  improve और efficiency को बढ़ाने के लिए और साथ में congestion (भीड़) को कम करने के लिए heavy bandwidth usage वाले scenarios में.

WiFi 6 कितना तेज है?

WiFi 6 या AX WiFi या 802.11ax की theoretical speeds करीब 10Gbps है. वहीं स्पीड के साथ इसमें काफी कम power consumption भी होता है.
इसकी स्पीड इसलिए ज्यादा होती है क्यूंकि इसपर 2.4GHz और 5GHz spectrum bands को एकसाथ combine किया  है. जहाँ पहले 802.11ac और 802.11n (या Wi-Fi 4) में दोनों ही bands को separately काम करने के लिए बाध्य किया जाता था, वहीँ  इस नए standard में दोनों की एक साथ utilise किया जाता है. MU-MIMO technology को अब uplink data के लिए भी enable किया जायेगा downlink data के साथ जिसे की ये पहले ही support करता था. WiFi 6 के आने के बाद Internet की दुनिया काफी हद तक बदल दिया है

Features of WiFi – वाईफाई की विशेषताएं

  • WiFi की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक केवल मॉडम के जरिए हम बहुत से Devices को जोड़ सकते हैं।
  • एक हाई स्पीड इंटरनेट नेटवर्क लेकर हमें केबल मॉडेम लगाकर अपने घर के सभी laptop Mobile or Computer को एक ही मॉडेम से चला सकते हैं।
  • यात्रा करते समय हम किसी भी WiFi Network से जुड़ सकते हैं और वह भी फ्री में हमे कोई पैसा नहीं देना पड़ता।
  • केबल मॉडेम के जरिए वाईफाई का इस्तेमाल किसी भी मोबाइल कंपनी के Recharge Plan  से बहुत कम होता है।
  • किसी भी WiFi की स्पीड मोबाइल नेटवर्क कंपनी की तुलना में काफी तेज होती है।
  • वाईफाई की स्पीड ज्यादा होने की वजह से हम अपनी वीडियो  अपलोडिंग और डाउनलोडिंग बहुत जल्दी कर सकते हैं।
  • WiFi  की स्पीड ज्यादा होने की वजह से हम इससे जोड़कर किसी भी एप्लीकेशन पर जैसे फेसबुक मैसेंजर या व्हाट्सएप के जरिए वीडियो और ऑडियो कॉल बड़ी आसानी से कर सकते हैं।

Advantages of WFfi – वाईफाई के लाभ

  • सबसे ख़ास और जरूरी लाभ WiFi का यह है कि यह काफी स्टैंडर्डाइज है मतलब एक वाई फाई रूटर दुनिया के सारी कंट्री में चल सकता हैं।
  • जब आप WIFI के आइकन को क्लिक करके इसे शुरू करते हैं तो वॉयरलैस राउटर के जरिए आप इंटरनेट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
  • हॉटस्पॉट(HotSpot) के जरिए ही आप एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में वाईफाई के द्वारा नेटवर्क सिगनल प्राप्त कर सकते हैं।
  •  
  • उसके लिए आपको एक केबिल मॉडम लगाना पड़ता है जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा दिया गया होता है। WiFi के सहायता से जोड़कर आप एक से अधिक डिवाइस का उपयोग कर सकते हैं।
  • अगर आपके स्मार्टफोन में 4G कनेक्शन है तो आप अपने मोबाइल से और कई मोबाइल एक साथ जोड़ सकते हैं जिसमें हॉटस्पॉट(HotSpot) का उपयोग करना पड़ता है।
  • आप चलते-फिरते कहीं से भी इंटरनेट को एक्सेस कर सकते हैं जैसे बस ट्रेन कॉफी शॉप सुपर मार्केट जहां यह नेटवर्क हैं।

Disadvantages of WiFi – वाईफाई के नुकसान

  • वैसे तो मार्केट में आपको Gigabit Speed वाले वाईफाई मिल जाएंगे लेकिन अब तक उन्हें हर लोकेशन में Gigabit स्पीड उपलब्ध नहीं होती है।
  • यह मीडियम डिपेंडेंट नेटवर्क है इसका मतलब यह होता है कि वाईफाई सिगनल किसी भी दीवार के पार जाते ही सिग्नल की स्ट्रेंथ कम हो जाती है क्योंकि वाईफाई का फिक्स रेंज होता है।
  • आप एक फिक्स लोकेशन में ही WiFi को एक्सेस कर सकते हैं जितना दूर आप जाओगे उतनी ही नेटवर्क की स्पीड कम होगी।
  • आजकल वाई-फाई के जरिए कोई भी किसी भी सिस्टम में घुस के आप के डाटा को चुरा सकता है इसलिए यह सबसे बड़ा नुकसान है इस टेक्नोलॉजी का।

WIFI कैसे काम करता है ?

  • जब हम कोई इंटरनेट कनेक्शन लेकर उसमें मॉडम लगाते हैं तो उसका राउटर काम करता है और आउटर इंटरनेट सिग्नल को रेडियो रेज में बदल देता है और यह रेडियो तरंगे इस को एक वाईफाई क्षेत्र में बदल देती हैं।
  • इसी प्रकार जब एक Smart Phone को Smart Phone से जोड़ते हैं तो हॉटस्पॉट भी वही काम करता है जो एक केबिल मॉडम करता है।
  • वाईफाई राउटर से निकलने वाली तरंगें एक घर में दीवारों से पार होती हुई दूसरों कमरे तक आसानी से पहुंच सकती हैं लेकिन अगर जितनी दूरी बढ़ती जाएगी उतनी ही इसकी स्पीड कम होती जाती है और ज्यादा दीवारे होने से भी इसकी स्पीड कम हो जाती है
  • अगर बीच में एक ही दीवार है तो लगभग Speed  समान रहती है लेकिन जब हम तीसरे चौथे कमरे में पहुंचते हैं तो इसकी Speed कम हो जाती है।
  • अपने Speed सिस्टम में पासवर्ड का उपयोग भी कर सकते हैं इसका लाभ यह होता है कि जिन लोगों को हम वाईफाई से जोड़ना चाहते हैं उन्हीं लोगों को जोड़ सकें इसलिए कोई बाहरी व्यक्ति इससे न जुड़े  इसके लिए पासवर्ड डाल देते हैं।

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